शनिवार, 26 मार्च 2016

युवा हो जावो तैयार
दिनांक 10जुलाई 2016
स्थान -विधानसभा जयपुर
सुबह 10:30बजे
(आर्थिक आधार पर आरक्षण की माँग के लिये)
युवा लोग अब हम लोगो पर ज़िम्मदारी हँ की ये आरक्षण हमारी राजपूतो की आन बान और शान की लड़ाई हँ ये आरक्षण सिर्फ और सिर्फ आर्थिक आधार पर होगा।।जो लोग
14%पर सहमत हुवे या माँग उठा रे हँ वो सिर्फ राजनीती कर रहे हँ राजपूतो पर और कुछ नही वो लोग सिर्फ अपना हित देखे हँ और हम आर्थिक आधार पर आरक्षण मिल गया तो उनकी राजनीती रोटियाँ स्खनी बन्द हो जायेगी इस लिए वो लोग 14%पर सहमत हुवे हँ और हम लोगो को सिर्फ और सिर्फ आथिक आधार पर आरक्षण की माँग करनी हँ विधानसभा घेराव मै।।।।
10जुलाई को विधान सभा घेराव करने के लिए ज्यदा से ज्यदा पधारे सा और राजपूत शक्ति का पर्दशन करे सा।।
ये लड़ाई सिर्फ आथिर्क आधार पर होगी।।
सरकार जब तक ये बात नही मानती तब तक आंदोलन करना हँ सरकार दमन निति अपनाती हँ तो हम जवाब उग्र आंदोलन से देना हँ और जब तक हार नही माननी हँ जब तक आरक्षण आथिक आधार पर नही मिले, चाहये 1 महीना ही क्यों नही लगे और इस आर्थिक आधार की आग पुरे हिन्दुस्थान में लगनी चाहिए और जो लोग आरक्षण बन्द करने की आवाज करता हँ आरक्षण मिलने से पहले उसको उड़ा दो चाहये वो विधायक या किसी राजपूत संगठन का नेता ही क्यों नही हो।।।
जय भवानी जय राजपुताना
निवेदक-समस्त राजपूत समाज
ये सम्पूर्ण आरक्षण सिर्फ 2 सगठनों के साथ लड़ा जायेगा
1-श्री राजपूत करणी सेना
2-जय राजपुताना सघ

बुधवार, 23 मार्च 2016

अमर सिंह जोधा की कलम से 
दूसरों के काम बिगाड़ने वाले लोग एक ढूढ़ने पर हजारों मिल जाते हैंलेकिन दूसरों के काम बनाने वाला हजारों में कोई एक होता है. दूसरों के काम बनाने वाले बनिए और अगर किसी की मदद नहीं कर सकते हैं तो, उसकी राह में रोड़े अटकाने वाले मत बनिएदूसरों की मदद कीजिएऔर अगर मदद नहीं कर सकते हैं, तो दूसरे को उसके हाल पर छोड़ दीजिए जिन लोगों की आदत दूसरों के कामों में टांग अड़ाने की हो, अपने आस-पास के ऐसे लोगों से दूर रहकर हीं आप जीवन में आगे बढ़ सकते हैं.
प्रशंसा वह हथियार है जिससे शत्रु भी मित्र बनाया जा सकता है
BnNa SARKAR
अमर सिंह जोधा की कलम से 
कोई कैसे नेता बन जाता है..इस वक्त सुखदेव सिंह गोगामेडी मीडिया में छाए हुए हैं..25-30 साल उम्र..राजस्थान में धूम मचा दी है..राजस्थान में क्या देश भर में धमक हो गई है..मीडिया में सुबह से शाम चर्चा छिड़ी हुई है..कौन है सुखदेव सिंह गोगामेडी..कहां से आया..क्या बैकग्राउंड..कौन माता-पिता..कौन है इसके पीछे...कैसे बन गया इतना बड़ा नेता..क्या ये दूसरा केजरीवाल है..इस तरह की तमाम बहस छिड़ी हुई है... और सरकार कोई यह चिंता है दिल्ली मे जिस प्रकार केजरीवाल ने सरकार बनाई उसी प्रकार सुखदेव सिंह कही राजस्थान मे अपनी सरकार न बनादे

रविवार, 13 मार्च 2016

अमर सिंह जोधा की कलम से 
जीवन में या किसी भी व्यवसाय या किसी भी प्रकार के कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए लगातार सकारात्मक रहना बहुत ही आवश्यक है अपने आप को उस क्षेत्र में ले जाए जहा बहोत ज्यादा परेशानी उठानी पड़े और जहा आपकी इच्छा अनुसार कुछ भी नहीं हो रहा हो वही आप को कार्य करना चाहिए क्योकि हम आप सब यही चाहते है की हमारे अनुसार कार्य हो लेकिन ऐसा हो नही सकता क्योकि कही दुःख है तो कही सुख है 
किस हद तक जाना है ये कौन जानता है
किस मंजिल को पाना है ये कौन जानता है
जिन्दगी के दो पल हैं, जी भर के जी लो
किस दिन बिछड जाना है ये कौन जानता है

शुक्रवार, 11 मार्च 2016

अमर सिंह जोधा की कलम से 
इन्सानों की दुनिया अब धीरे धीरे हैवान बनती जा रही है क्योकि इस युग मे न कोई राम व कृष्ण है और न ही कोई कर्ण और अर्जून है 
क्योकि सब मतलबी बन गये पता नही आजकल लोग कहते है की मरते वक्त पैसे साथ तो नही चल सकते लेकिन काम जरुर आते है
जिंदगी तुझसे हर कदम पर समझौता क्यों किया जाय, 
शौक जीने का है मगर इतना भी नहीं कि मर मर के जिया जाये
जब जलेबी की तरह उलझ ही रही है तू ऐ जिंदगी
तो फिर क्यों न तुझे चाशनी में डुबा कर मजा ही लिया जाये
BnNA Sarkar

गुरुवार, 10 मार्च 2016

अमर सिंह जोधा की कलम से 
किसी भी देश का भविष्य अंधकार मय तब होता है जब देश के युवा राजनीती मे दिलचस्पी नही लेते क्योकि अगर देश के युवा अगर देश की राजनीती मे भाग नही लेते है तो देश मे उन्ही बुजर्ग नेताओ का राज चलता 
क्योकि राजस्थान मे एक बार सरकार कांग्रेश की तो एक बार बीजेपी की आती है क्योकि राजस्थान का युवा अभी तक सो रहा है 
एक सरकार ने योजना लागु की तो दूसरी सरकार का काम होता है उसे समाप्त करना दोस्तों अब हमे निर्णय लेना है की अगली बार सरकार न तो कोंग्रेश की होनी चाहिए और न बीजेपी की क्योकि हमे हमारे देश का भविष्य बदलना है

बुधवार, 9 मार्च 2016

अमर सिंह जोधा की कलम से 
दोस्तों आजकल लोग एक दुसरे से इतने जलने लगे है की अब दुनिया को माचिस की कोई आवश्यकता नही है 
हमेशा अपने विचार फेसबुक और whatsaap पर शेयर करने चाहिए क्योकि सोशल मीडिया एक दुसरे के विचारो साझा करने के लिए बनी फोटो और विडियो भेजने के लिए नही 
जब मिलो किसी से तो जरा दूर का रिश्ता रखना, 
बहुत तङपाते हैँ अक्सर सीने से लगाने वाले।
BnNa Sarkar
अमर सिंह जोधा की कलम से
दोस्तों मे आपको बताना चाहता हु की लोग कहते है की भारत एक विकाश शील देश है उनको मे बताना चाहता हु की भारत एक विकाश हिन् देश क्योकि विकाश सिर्फ नेताओ और अमीरों का हुआ है 
और मै बताना चाहता हु जो अभी बजट पारित हुआ उसमे शेरगढ़ तहसील के लिए कुछ विशेष नही है क्योकि शेरगढ़ तहसील सिर्फ बलिदान देने के लिए ही आगे है बाकी सब मे पीछे चल रहा है चाहे शिक्षा के क्षेत्र मे हो यहा फिर परिवहन के क्षेत्र मे हो 
महसूस तब हुआ जब सारा शहर,
मुझसे जलने लगा है ।
तब समझ मे आ गया कि ,
अपना नाम भी चलने लगा है ।
BnNA Sarkar

shergarh

भाईयो, दोस्तो इसे शेयर नही किया है मै  अमर सिंह जोधा ने जो मैंने महसुस किया है वह आपको बता रहा हु शेरगढ को बजट मे कुछ नही मिला जनता का क्या दोष पुर्वजो की वजह से सैन्य सहयोग के कारण राजस्थान की तहसीलो मे जग शावा था आज उसी शेरगढ मे अच्छा स्कूल काॅलेज तक नही है पंचायत को पटना देने का अधिकार नही है इसकी किसी को प्रवाह तक नही मगर शेरगढ राजस्थान मे शराब के ठेको के आवेदन मे अव्वल है ।सबसे ज्यादा जोधपुर व जोधपुर से बाहर आवेदन शेरगढ की जनता ने ही किया है शेरगढ विधान सभा से करीब 35000 आवेदन कि ये है। इसका शुल्क 70 करोड़ बनता है जो आबकारी अथवा सरकारी खजाने ने मे जमा रहेगा लो गो ने अपने सामाजिक व आर्थिक स्तर को अच्छा बनाने की भावना से भाग्य आजमाया है। मगर शराब की वजह से राजस्थान मे 30% लोग प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष प्रभावित होते है।ऐसै हम दुसरो की जिन्दगी व बच्चो के भविष्य से खेलकर अपने बच्चो के उजव्ल भविष्य की कामना नही कर सकते क्यो न सभी पार्टियो को दर किनार कर हमारे शेरगढ के नेता लोग 36 कोम का भव्य समारोह का आयोजन करे अच्छी स्कूल काॅलेज के लिए चंदा एकत्रत करे तो 70 करोड़ तो क्या 140 करोड़ भी हो सकते है 2 लाख लोग शेरगढ विधान सभा मे कमाने है ।ऐसै मे 1000 रु प्रति आदमी लिया जाय तो 200 करोड़ होते है लेकिन करने वाला इससे ज्यादा भी कर सकता है मगर आम आदमी ऐसा नही कर सकता जो हर समाज के सम्मानीय है नेता है वह एक जुट हो जाए तो 10 करोड़ भी आसानी से एकत्रत कर सकते है और शेरगढ व शेरगढ जनता का नाम पुन स्थापित किया जा सकता है।सरकार तो अनदेखी कर रही है और करती आई है ।
 आपका प्रिय   अमर सिंह जोधा साई